
नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में रेलवे के स्वामित्व वाले इलाक़े में रहने वाले 4000 से अधिक परिवारों को बेदखली का नोटिस भेजा गया है। अपने घरों से बेदखल किए जाने के डर से हजारों लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि इन परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। हल्द्वानी के इन परिवारों को जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया था लेकिन मालूम हुआ है कि पिछले कई दशकों से यह लोग इस कॉलोनी में रह रहे हैं। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा है कि सभी अवैध निवासियों 7 दिनों के भीतर परिसर को खाली करना होगा। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इस इलाके के बच्चे,बड़े,बुज़ुर्ग सभी सड़को पर उतर आएं हैं और फैसले का विरोध कर रहे हैं। इस मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपनी राय देते हुए कहा कि हल्द्वानी की इस जमीन पर करीब 50 साल से लोग रह रहे हैं और यहां सिर्फ घर ही नहीं,सरकारी स्कूल,मंदिर मस्जिद,अस्पताल भी हैं लेकिन राज्य सरकार के पैरवी न करने की वजह से हाईकोर्ट ने रेलवे के तर्क को स्वीकार कर लिया है। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की कोशिशो से पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है जिस पर सुप्रीम कोर्ट 5 जनवरी को सुनवाई करेगा। इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में हम हल्द्वानी की जनता के साथ खड़े हैं उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री लोगो को पक्के घर देने की बात करते हैं लेकिन दूसरी तरफ लोगो के घर तोड़कर सरकार उनको उजाड़ना चाहते है। इमरान ने कहा कि मैं हल्द्वानी की जनता को उम्मीद दिलाना चाहता हूं कि देश के प्रसिद्ध व वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद आपकी पैरवी कर रहे हैं और देश के उच्चतम न्यायालय को भी जनहित को देखते हुए हल्द्वानी के लोगो के पक्ष में फैसला करना चाहिए

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