January 11, 2026

4 सितंबर 2000 को हुआ था कॉमेडियन मोहम्मद उमर मुकरी जी का जन्म

पुराने जमाने के ख्यातनाम कॉमेडियन मोहम्मद उमर मुकरी जी का जन्म 5 जनवरी 1922 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग में हुआ था।
उन्होंने अपने बॉलीवु़ड करियर की शुरुआत फिल्म प्रतिमा (1945) से एक्टर दिलीप कुमार के साथ की थी। फिल्मों में आने से पहले मुकरी काजी थे, जिनका काम मदरसे में बच्चों को कुरान पढ़ाना था। लेकिन इससे आमदनी कम होती थी। परिवार चलाने के लिए मुकरी को देविका रानी के फिल्म स्टूडियो बॉम्बे टॉकीज में नौकरी करनी पड़ी लेकिन मुकरी को क्या पता था यहां आकर उनको वो मिलेगा जो पाने के कभी चाह ही उनके अंदर नहीं रही। मुकरी को परदे पर सामने लाने का श्रेय देविका रानी को जाता है।

बांबे टाकीज की मालकिन मशहूर अभिनेत्री देविका रानी अक्सर मुकरी को देखा करती थीं। उनका छोटा कद, गोल-मटोल चेहरा और सहज मुस्कान देखते ही देविका रानी हंसे बिना न रहतीं। मुकरी को देखते ही उनका तनाव दूर हो जाता। उन्होंने सोचा कि यह आदमी कैमरे के पीछे की बजाय परदे पर ठीक रहेगा। बस मुकरी परदे पर आ गए। उनको ज्यादा संवाद बोलने की जरूरत नहीं पड़ी। दर्शक उन्हें देखकर ठहाके भरने लगते। 4 सितंबर 2000 में मुकरी इस दुनिया को छोड़कर चले गए और अपने पीछे छोड़ गए यादें जो उनकी फिल्मों के देख उनके फैंस को आज भी आती है।

दिलीप कुमार के साथ आई फिल्म ‘प्रतिमा’ के बाद मुकरी की किस्मत चल पड़ी।
दिलीप कुमार के साथ उनकी जोड़ी फिल्म कोहिनूर में खूब जमी थी, फिल्म उजाला में राजकुमार जी के साथ।

मुक्री ने 50 साल के लंबे करियर में कई फिल्मों में अभिनय किया। अपनी मुस्कान, छोटा कद और बढ़िया कॉमेडी से उन्होंने फिल्मों में दर्शकों को खूब लुभाया। मुकरी की चर्चित फिल्मों में परदेस, सजा, मिर्जा गालिब, मदर इंडिया, कालापानी, काली टोपी लाल रूमाल, अनाड़ी,अनुराधा, मनमौजी, असली नकली, फूल बने अंगारे, बहुरानी, पूजा के फूल, मेरा साया, दादी मां, सूरज, मिलन, अनीता, राजा और रंक, इज्जत, पिया का घर, अनोखी रात, चिराग, प्रेम पुजारी, पारस, बांबे टू गोवा, लोफर, नया दिन नयी रात, अर्जन पंडित, फकीरा, गंगा की सौगंध, दि बर्निंग ट्रेन, उमराव जान, नसीब, लेडीज टेलर, लावारिस, खुद्दार, गंगा जमुना सरस्वती, राम लखन, दाता, अमर अकबर एंथनी शामिल है।

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